हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "गेरारूल हिकम" पुस्तक से लिया गया है। इस कथन का पाठ इस प्रकार है:
:قال امیر المؤمنین علی علیہ السلام
«كَيْفَ تَنْسَى الْمَوْتَ وَآثارُهُ تُذَكِّرُكَ؟!»
हज़रत इमाम अली अलैहिस्लाम ने फरमाया:
तुम मौत को कैसे भूल जाते हो जबकि इसकी निशानियां हमेशा तुम्हें इसकी यादआवरी करती रहती हैं।
गेरारूल हिकम,हदीस नं 6990
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